Thursday, March 15, 2012

अखबारों में कैसा रहा रेल बजट

अपनी उत्‍सुकता सुबह होते ही खत्‍म हुई है, जब सारे अखबार देख लिए। रेल बजट पर इस बार नया देखने को मिला है। शायद इसे ही ट्रैंड कहते हैं, इस बार कई अखबारों बिना किसी इलेस्‍ट्रेशन के सीधा-सपाट इन्‍फॉर्मेटिव अखबार बनाया है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया छोटा ही सही लेकिन इलेस्‍ट्रेशन से खेल रहा है, लेकिन हिन्‍दी के अखबारों की मत पूछो बस चले तो पूरे रेल बजट को ही इलेक्‍ट्रेशन में कन्‍वर्ट कर दें। चूंकि रेल मंत्री पंश्चिम बंगाल से आते हैं इसलिए वहां के अखबार भी छान मारे पता चला आंनद बाजार पत्रिका बिना सीधा सपाट बना है, टेलीग्राफ भी कुछ ऐसा ही बन है। हिन्‍दू और इंडी एक्‍सप्रेस हमेशा की तरह सीधी बात कर रहे हैं। नईदुनिया का पेज नंबर दो सलीके से सजाया गया है। ग्रापिफक पूरे पेज का लेकिन चुभता नहीं कीर्तिश भाई को बधाई। इलेस्‍ट्रेशन की बात करें तो अंगरेजी में अजीत नीनन और हिन्‍दी में इस्‍माइल लहरी का कोई तोड नहीं है बेशक हिन्‍दी के अखबारों में दबंग दुनिया अच्‍छा बना है।
बाकी समीक्षा आप भोपाल से प्रकाशित प्रदेश टुडे के सूरमा भोपाली और
इंदौर से प्रकाशित प्रभातकिरण के नाबीना की जुबानी पढ लेना अपने वो कटिंग भी दे रहे हैं।



















Tuesday, February 28, 2012

अखबारों में न्‍यू हेडर ट्रैंड और ऑस्‍कर के अच्‍छे पन्‍ने

बहुत जल्‍द अब हमारे अखबारों के हेडर भी कलर रिवर्स में होंगे। कुछ अखबारों ने तो ये प्रयोग शुरू भी कर दिए हैं। पहले सिर्फ शाम के या छोटे छोटे प्रसार वाले अखबार ही ऐसे निकलते थे, लेकिन अब मिथक टूट रहा है। यूरोप और अमेरिका में तो कई अखबारों खूब चटकदार कलर का इस्‍तेमाल कर हेडर सजाया है, लेकिन यूके गार्जियन वाला कलर अमेरिका में भी पसंद किया जा रहा है। कुछ पेज देखते हैं ताकि अपन भी कुछ सीख सकें।
आस्‍कर के शानदार पन्‍ने 
इसके अलावा विदेशी अखबारों में ऑस्‍कर भी जमकर छपा है। उसके भी कुछ पन्‍ने दे रहा हूं ताकि अगले साल इनमें से ही किसी आइडिया पर काम किया जा सके।   
















ऑस्‍कर के पन्‍ने








Friday, February 03, 2012

दबंग में तीन फ्रंट पेज

अगर आपको किसी अखबार में तीन-तीन बार हेडर दिखे तो कैसा लगेगा। निश्चिततौर पर ये भारतीय मीडिया में आलोचना का विषय रहेगा, लेकिन बॉस प्रयोग मस्त है।
ऐसा ही प्रयोग दबंग दुनिया इंदौर ने किया है। उसने आज अपने अखबार में फं्रट पेज की तरह दो अतरिक्त पेज प्रादेशिक और देश-विदेश दिए हैं यानी कुल मिलाकर तीन फ्रंट पेज दिए हैं। इससे पहले दबंग फ्रंट और लास्ट पेज को एक जैसा बनाता था। फ्रंट पर लोकल खबरें आज भी जारी है, सेकेंड पर नेशनल खबरें होती थीं।
भारत में ऐसी शुरुआत मुंबई से प्रकाशित डीएनए (डेली न्यूज एंड एनालिसिस) ने की थी। उसने अपने हेडर लास्ट पेज  AND कर दिया था जो  DNA का उल्टा था, जिसका पंच था योर सेकेंड फ्रंट पेज।
दबंग ने प्रयोग बेहतरीन किया, क्योंकि लड़ाई दूसरों से अलग दिखने की भी है। फिर नाम भी तो दबंग है...अच्छे प्रयोग के लिए दबंग को बधाई।
 चाहें तो वेबसाइट पर विजिट कीजिए
http://www.epaperdainikdabangdunia.com/epapermain.aspx?queryed=9&eddate=02%2f03%2f2012







Monday, November 28, 2011

इंदौर में मुशायरे का बेमिसाल कवरेज

दो दिन पहले इंदौर में मुशायरा हुआ। मुशायरा क्या हुआ सभी अखबारों ने अपने  उर्दू के जानकार सुरमाओं को इसकी कवरेज पर लगा दिया। देर से शुरू हुए इस मुशायरे को पहले दिन आधा पेज तो कुछ ने फोटो देकर इस सूचना के साथ प्रकाशित किया कि फुल कवरेज अगले दिन।
इंदौर के अखबारों में मुशायरे को कितनी गंभीरता से लिया और उसका प्रकाशन किया यह आप देखकर ही अंदाजा लगा सकते हैं।  एक नई बात और थी कि अखबारों ने सिर्फ शे'र ही नहीं छापे बल्कि मुशायरे की समीक्षा भी की। यह अपने आप में मुशायरे की रिपोटर्िेंग का अच्छा उदाहरण है।







Friday, October 28, 2011

एफवन : टाइम्स की नकल कर रहे हिन्दी अखबार

आज कल एफवन इंडिया में हैं इसको लेकर अखबारों जमकर कामकाम हो रहा है। कोर्इ स्पेशल पेज निकाल रहा है तो कोई स्टोरीज कर रहा है, लेकिन इन सब में बाजी मारी है टाइम्स ऑफ इंडिया ने रोज एक से बढ़कर एक पेज देकर टाइम्स लीडर बना हुआ है। हिन्दी अखबारों का काम भी टाइम्स के भरोसे चल रहा है वे उसी के पन्ने ट्रंासलेट कर इसे स्पेशल कवरेज का नाम दे रहे हैं।